Thursday, April 22, 2010

जब तुम्हारे दिल में मेरे लिए प्यार उमड़ आये,

और वो तुम्हारी आँखो से छलक सा जाए.......

मुझसे अपनी दिल के बातें सुनने कोयह दिल तुम्हारा मचल सा जाए..........

तब एक आवाज़ दे कर मुझको बुलानादिया है जो प्यार का वचन सजन,

तुम अपनी इस प्रीत को निभाना ............

तन्हा रातों में जब सनमनींद तुम्हारी उड़ सी जाये.......

सुबह की लाली में भी मेरे सजन,

तुमको बस अक़्स मेरा ही नज़र आये......

चलती ठंडी हवा के झोंके ....

जब मेरी ख़ुश्बू तुम तक पहुंचाए .

तब तुम अपना यह रूप सलोना ....

आ के मुझे एक बार दिखा जानादिया है जो प्यार का वचन साजनतुम अपनी इस प्रीत को निभा जाना

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