Thursday, April 12, 2012

I MISS U
‎(♥..Bahut udas h tere chup ho jane se
Ho sake to baat kar kisi bahane se
Tu laakh khafa sahi magar itna to dekh
Koi toot gya h tere ruth jane se..♥)

Wednesday, April 11, 2012

मोहब्बत मैं करने लगा हूँ ...........

मोहब्बत मैं करने लगा हूँ ...........
उलझनों से निकलने लगा हूँ .........
दीवाना तो मैं था नहीं लेकिन ........
तेरा दीवाना बनने लगा हूँ ..........:))

प्यार का सफ़र करने चला हूँ ..........
दिल की दुनिया बसाने चला हूँ .............
मैंने ख्वाब अब तक न देखे थे ...............
तुझे देख के ख़्वाबों में जीने लगा हूँ ...............:))

कभी बिखरता जा रहा हूँ ............
तो कभी सवरता जा रहा हूँ ...........
कतल तो मुझे होना नहीं था लेकिन ..........
तेरी निगाहों से हुए जा रहा हूँ ............... :))

बापू से दिल लगाये बैठा हूँ .............
उन्हें अपना बनाये बैठा हूँ ..........
बस डर रहा हूँ ये ही सोच -सोच के..............
आज उनसे दुनिया के सामने इज़हार करने जा रहा हूँ ..........:))

जब याद तुम्हारी आती है....

जब याद तुम्हारी आती है....

मेरा जी भर-भर आता है.........

मै पल-पल तुम्हे बुलाती हू, .............

तुम आते हो........ मुसकाते हो ...............

मुसकाके फिर छिप जाते हो.................

क्या ये ही तुम्हे सुहाता है, ...................

जब याद तुम्हारी आती है.................

प्रीय कैसी ये निष्ठुरता है।

हाय कैसी ये बेदर्दी है.................

या ये क्रन्दन भी झुठा है,

जो तुम तक पहूच ना पाता है।................

हे! प्रियतम प्राण आधार हरे हे!.............

मेरे सोणे साजन हरे............

ऐक बार तो आके अपना लो.............

अब तुम बिन रहा न जाता है, ...............बापू

न कोइ अपना हे जग मे , न कोई पराया लगता ह.............

इस दासी का तो बस केवल एक जोगी तुम्ही से नाता है !!

आप क्या जानो ऐ! मेरे बापू पिया कैसे तूम बिन जिये जा रहे है ......

"आपकी बेवफाई के सदके , लोग ताने दिये जा रहे है,

जितना जी चाहे तडपा लो हमको, तेरी पुजा किये जा रहे है".......

किन गुनाहो कि है ये सजाये , बापू जी हमे कुछ बताये,

टुकडे टुकडे किया दिल है मेरा, प्यार तुमसे किये जा रहे है......

तेरे मिलने कि उम्मीद लेकर , गम के आशु पिये जा रहे है हे!

नारायणः नारायण

जय गुरुदेवा.............

Thursday, April 5, 2012

सिर्फ मेरे जोगी के लिए........

सोचने का समय नहीं.
लिखने को शब्द नहीं.
कहने को बातें नहीं,
... सुनने का सवाल ही नहीं
क्योंकि मुझे हो गया है प्यार
अब क्या दिन, क्या रात
मुंह में घुली है मिठास
सिर्फ उनके लिए
दिल में उमड़ता है प्यार का सागर
सिर्फ उनके लिए
मंजिल पर पहुंचना है
सिर्फ उनके लिए
अपनों को बना लिया पराया
सिर्फ उनके लिए
दिन में चैन नहीं, रातों को नींद नहीं
सिर्फ उनके लिए
हम तो सांस भी लेते है तो
सिर्फ उनके लिए
पूरा जीवन दांव पर लगा दिया
सिर्फ उनके लिए
अपना तो कुछ पता ही नहीं
अब तो जीना है सिर्फ और सिर्फ
उनके लिए।

मन की संतुष्टि !!!

मन में थी तमन्ना
हो मेरा भी नाम
और इस नाम के लिए
न जाने क्या-क्या खो दिया
अपना घर, अपना गांव
अपने दोस्त, अपने खेत
अपने नाम के लिए मिटा दी
अपने पुरखों की पहचान
नई मंजिल की उड़ान में
उखड़ गए जमीन से कदम
कभी-कभी
सुखद अहसास होता था
सब जानते हैं मुझे यहां
पर मन के कोने में
एक दर्द सताता रहा और
मन को नहीं मिली संतुष्टि
बहुत तेज कदमों से बढ़ता गया
अपनी मंजिल की ओर
और अचानक एक दिन
थम गए मेरे कदम
जब देखी दुनिया की हकीकत
यहां उगते को होता है सलाम
अब जिंदगी की शाम में
सोचता हूं
नाम के लिए क्या नहीं किया
नए इतिहास के सृजन में
खुद इतिहास बन गया
कौन करेगा याद मुझे
जब मैंने ही नहीं किया
किसी का सम्मान
जो मिला मुझे अपनो से
एक नाम के लिए
ठुकरा दिया उसे
अब न कोई तमन्ना है
न कोई मंजिल
अब तो बस जाना है
उस अनंत यात्रा पर
शायद वहीं मिल जाए
अधूरे मन को संतुष्टि!

Tuesday, April 3, 2012

Log kehte hai tum kyun apne pyar ka izhar nahi karte.
Humne kaha jo labzo me bayan ho jaye...
sirf utna ham kisi se pyar nahi karte.
daulat hai mujhko zindagi se pyari.
daulat k liye kar du kurban yari .

daulat k liye tod du dosti saari.

ab aapse kya chupana "aap" hi to daulat hamari.