Monday, March 29, 2010

Khushbu ki tarah aapke paas bikhar jayenge,

Sukoon bankar dil mein utar jayenge,

Mehsus karnay ki koshish kijiye,

dur hokar bhi paas nazar ayenge.

yado ke es safar me kabhi na tanha payenge
खिले थे गुलाबी, नीले, हरे और जामुनी फूल

हर उस जगह महक उठी थी केसर

जब मुस्कुराए थे तुम, और भीगी थी मेरे मन की तमन्ना

मैं यादों के भँवर में उड़ रही हूँ किसी पीपल पत्ते की तरह,

तुम आ रहे हो ना थामने आज ख्वाबों में,

मन कहीं खोना चाहता है तुम्हारे लिए, तुम्हारे बिना।
भोर के तारे ने एक दिन कहा मुझसे तुम क्षण भर के लिए मुझ पर अपनी दृष्टि स्थिर रखना मैं जैसे ही टूटकर ‍गिरने लगूँ तुम अपने प्रिय की चाह करना देखी नहीं जाती क्योंकि मुझसे तुम्हारी आँखों में सूनेपन की छाया। इतना स्वार्थी हो नहीं सकता किन्तु तुम्हारे प्रति मेरा प्रेम मेरे सुख के लिए टूटने को तैयार दूर आकाश में टिमटिमाता वह तारा ही तो एकमात्र साक्षी है प्रतीक्षा की उन अनगिनत रातों का। मुझसे बिना पूछे जो बहती थीं उसकी मूक सांत्वना की छाया में वो अश्रुधाराएँ चाँदी सी चमकती थी। तुमसे कभी कह न सकी वो तमाम बातें और दिल के सूनेपन में लिखी हुई यादों की किताब के सारे पन्ने मैंने उसको ही सुनाए थे उसने भी सहानुभूति के आँसू प्रभात में पँखुरियों पर बिखराए थे।इसलिए मैं खोना नहीं चाहती विरह का वो अनमोल साथी बस इतना भर चाहती हूँ मेरे न रहने पर कभी जब तुम निहारों सूना आकाश तो वह नन्हा सितारा झिलमिलाए बड़े जतन से सहेजी हुई मेरे अर्थहीन प्रेम की गाथा चुपके से तुमको कह सुनाए तुम्हारी आँखों पर ठहरी बूँदों को मेरा तर्पण समझकर मुस्कुराए।
આંખમાં આંજો જરા શમણું,

તો નવા પથરાય છે રસ્તા.

છે બધાની એક તો મંઝિલ,

કેમ નોખા થાય છે રસ્તા!

હે પરમાત્મા,

હે પરમાત્મા,

મને તારી શાંતિનું વાહન બનાવ.

જ્યાં ધિક્કાર છે ત્યાં હું પ્રેમ વાવું.

જ્યાં ઘાવ થયો છે ત્યાં ક્ષમા

જ્યાં શંકા છે ત્યાં શ્રધ્ધા

જ્યાં હતાશા છે ત્યાં આશા

જ્યાં અંધકાર છે ત્યાં પ્રકાશ

જ્યાં શોક છે ત્યાં આનંદ.

હે દિવ્ય સ્વામી, એવું કરો કે,

હું આશ્વાસન મેળવવા નહિ, આપવા ચાહુંમને

બધાં સમજે એ કરતાં હું બધાંને સમજવા ચાહું.

મને કોઈ પ્રેમ આપે એ કરતાં હું કોઈને પ્રેમ આપવા ચાહું.

કારણ કે, આપવામાં જ આપણને મળે છે;

ક્ષમા કરવામાં જ આપણે ક્ષમા પામીએ છીએ.

મૃત્ય પામવામાં જ આપણે શાશ્વત જીવનમાં જન્મીએ છીએ

હે પ્રભુ,

હે પ્રભુ,

સંજોગો વિકટ હોય ત્યારે,સુંદર રીતે કેમ જીવવું? તે મને શીખવ

બધી બાબતો અવળી પડતી હોય ત્યારે, હાસ્ય અને આનંદ કેમ ન ગુમાવવાં? તે મને શીખવ

પરિસ્થિતિ ગુસ્સો પ્રેરે તેવી હોય ત્યારે, શાંતિ કેમ રાખવી? તે મને શીખવ.

કામ અતિશય મુશ્કેલ લાગતું હોય ત્યારે, ખંતથી તેમાં લાગ્યા કેમ રહેવું? તે મને શીખવ

કઠોર ટીકા ને નિંદાનો વરસાદ વરસે ત્યારે, તેમાંથી મારા ખપનું ગ્રહણ કેમ કરી લેવું? તે મને શીખવપ્રલોભનો,

પ્રશંસા, ખુશામતની વચ્ચે તટસ્થ કેમ રહેવું? ત મને શીખવ.

ચારે બાજુથી મુશ્કેલીઓ ઘેરી વળે,શ્રધ્ધા ડગુમગુ થઈ જાય,

નિરાશાની ગર્તામાં મન ડૂબી જાય ત્યારે, ધૈર્ય અને શાંતિથી તારી કૃપાની પ્રતીક્ષા કેમ કરવી? તે મને શીખવ.

Sunday, March 28, 2010

प्यार

पहली नजर में प्यार कभी हो ही नहीं सकता, वह तो एक आकर्षण है एक दूसरे के प्रति, जो प्यार की पहली सीढ़ी से भी कोसों दूर है। जैसे दोस्ती अचानक नहीं हो सकती, वैसे ही प्यार भी अचानक नहीं हो सकता। प्यार भी दोस्ती की भाँति होता है, पहले पहले अनजानी सी पहचान, फिर बातें और मुलाकातें। सिर्फ एक नए दोस्त के नाते, इस दौरान जो तुम दोनों को नजदीक लेकर आता है वह प्यार है। कुछ लोग सोचते हैं कि अगर मेरी शादी मेरे प्यार से हो जाए तो मेरा प्यार सफल, नहीं तो असफल। ये धारणा बिल्कुल गलत है, क्योंकि प्यार तो नि:स्वार्थ है, जबकि शरीर को पाना तो एक स्वार्थ है। इसका मतलब तो ये हुआ कि आज तक जो किया एक दूसरे के लिए वो सिर्फ उस शरीर तक पहुँचने की चाह थी, जो प्यार का ढोंग रचाए बिन पाया नहीं जा सकता था।

प्यार तो वो जादू है, जो मिट्टी को भी सोना बना देता है। प्यार वो रिश्ता है, जो हमको हर पल चैन देता है, कभी बेचैन नहीं करता, अगर कुछ बेचैन करता है तो वो हमारा शरीर को पाने का स्वभाव। प्यार वही है, जो एक माँ और बेटे की बीच में होता है, जो एक बहन और भाई के बीच में या फिर कहूँ बुल्ले शाह और उसके मुर्शद के बीच था। ज्यादातर प्यार को हथियार बना एक दूसरे के जिस्म तक पहुँचना चाहते हैं, अगर ऐसा न हो तो दिल का टूटना किसे कहते हैं, उसने कह दिया मैं किसी और से शादी करने जा रही हूँ या जा रहा हूँ, तो इतने में दिल टूट गया। सारा प्यार एक की झटके में खत्म हो गया, क्योंकि प्यार तो किया था, लेकिन वो रूहानी नहीं था, वो तो जिस्म तक पहुँचने का एक रास्ता था, एक हथियार था। अगर वो जिस्म ही किसी और के हाथों में जाने वाला है तो प्यार किस काम का।

सच तो यह है कि प्यार तो रूहों का रिश्ता है, उसका जिस्म से कोई लेना देना ही नहीं, , प्यार कभी सुंदरता देखकर हो ही नहीं सकता, अगर होता है तो वह केवल आकर्षण है, प्यार नहीं। माँ हमेशा अपने बच्चे से प्यार करती है, वो कितना भी बदसूरत क्यों न हो, क्योंकि माँ की आँखों में वह हमेशा ही दुनिया का सबसे खूबसूरत बच्चा होता है।

प्यार तो वो जादू है, जो मिट्टी को भी सोना बना देता है। प्यार वो रिश्ता है, जो हमको हर पल चैन देता है, कभी बेचैन नहीं करता, अगर कुछ बेचैन करता है तो वो हमारा शरीर को पाने का स्वभाव। जिन्होंने प्यार के रिश्ते को जिस्मानी रिश्तों में ढाल दिया, उन्होंने असल में प्यार का असली सुख गँवा दिया।

एक वो जिन्होंने प्यार को हमेशा रूह का रिश्ता बनाकर रखा, और जिस्मानी रिश्तों में उसको ढलने नहीं दिया, उनको आज भी वो प्यार याद आता है, उसकी जिन्दगी में आ रहे बदलाव उनको आज भी निहारते हैं। उसको कई सालों बाद फिर निहारना आज भी उनको अच्छा लगता है। रूहानी प्यार कभी खत्म नहीं होता। वो हमेशा हमारे साथ कदम दर कदम चलता है। वो दूर रहकर भी हमको ऊर्जावान बनाता है।

'ये आँसू जो हैं बहते, बस इतना हैं ये कहते।

कहाँ तू और कहाँ मैं, पराया हूँ यहाँ मैं।

करम इतना अगर हो कि मुझपे इक नजर हो।'

इन पंक्तियों में प्रेम की सारी दुनिया समाई है। प्यार की बेबसी को कोई नहीं समझ सकता। जिस पर बीतती है, वह किसी से कह भी नहीं सकता, ये दिमाग की नहीं दिल की बातें हैं। कई बार होता है कि वह जिससे कहता है वही उसे झिड़कता है।

इश्क इतनी तड़प पैदा नहीं कर पाया कि आयतें उतर पाएँ। प्रेम से मिले सुख को बस हमने स्वीकार किया और उसके दुख को नकार दिया। 'इश्क नहीं आसां बस इतना समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है।'

उससे मिली नफरत, जिल्लत और तौहीन के बाद भी आपके दिल से उसके लिए तेजाब नहीं बस मुस्कराते हुए यही निकले कि 'तू सदा खुश रहे'।

लेकिन कितना अजीब है यह एहसास कि दर्द भी मीठा लगता है। जो दर्द देता है उसके लिए यही निकलता है 'जो कहोगे तुम, कहेंगे हम भी हाँ यूँ सही। आपकी गर यूँ खुशी है मेहरबां यूँ ही सही।' शायद यही प्यार है।

प्यार माँग नहीं सिर्फ देना है, अपनी तरफ से निभाना है 'उसकी वो जाने उसे पासे-वफा था कि न था,

तुम अपनी तरफ से तो निभाते जाते।'

क्या यही प्यार हैं ...

और मैं उस पर रोज एक कविता लिखता था

लेकिन यह बात वह नही जानती थी

बहुत सालो बाद जब मैं उससे मिला

तब तक वह मेरी कविताओ कों पढ़ते पढ़ते

मेरी कविताओ का शब्द बन गयी थी

मुझे मालूम था वो मेरी आत्मा के अमृत से भर गयी थी

तब मैंने उससे कहा

मैं आपका नाम लेते हीं -एक कविता लिख लेता हूँ

संसार के सारे फूलो की सुगंध में डूब जाता हूँ

मैं खुद चांदनी सा प्रकाश बन जाता हूँ
मन्जिले उन्ही को मिलती हैं , जिनके सपनों मैं जान होती है , पन्ख से कुछ नही होता , होसलों से उडान होती है
जो हमारे बहुत करीब है उसे हम छू नही सकते

शायद इसे 'मजबूरी' कहते है,

जो हमे चाहता है उसे हम पा नही सकते

शायद उसे 'नसीब' कहते है........!"

इसी 'मजबूरी' और 'नसीब' के बीच एक रिश्ता पनपता है

शायद इसे "मोहब्बत" कहते है.......

हमसफ़र

मेरे ज़िन्दगी के सफर में तुम मेरी चाह है हमसफ़र बनो

यही ख्वाब है मेरा एक हर नजारा तुम हर नजर बनो

जहाँ हो वफ़ा हर शाम में , जहाँ ज़िन्दगी हर जाम में ,

जहाँ चाँदनी हर रात हो , उम्मीद की हर सहर बनो

मैं नहीं काबिल तेरे बना , तू फलक मैं गर्दिश भला !

तू पूनम , मैं मावस की रात ,नही बने मेरे वास्ते मगर बनो

नही मेरे लिखने में वजन कोई नही साज पर कोई गीत चढा

ना लिख सका कोई ग़ज़ल , गुनगुना सकूँ तुम वो बहर बनो

मेरी नही पतवार कोई मेरा नही माझी कोई

मैं हूँ तन्हा मंझधार में ,कश्ती को दे किनारा वो लहर बनो
गुलाब है जो टूट कर भी मुस्कान छोड़ जाते हैं,

कभी फरमाइश कभी नुमाइश बना दिया,

जी चाहा ज़ुल्फों में लगाया,जी चाहा सेज़ पे सज़ा दिया,

अरमानों को कुचल कर इत्र बना दिया,

मर कर भी साँसों में महक छोड़ जाते है,

दुसरों के रिश्ते बनाते फिरते हैं और खुद तन्हा रह जाते हैं ।
तनाव से भरी भागती-दौड़ती इस जिंदगी में किसी के चेहरे पर खुशी बिखेरना शायद आसमान के तारे तोड़ना जितना कठिन काम है, लेकिन दुनिया में कई ऐसे लोग हैं, जो दूसरों को खुशी देना अपने जीवन का लक्ष्य बनाए हुए हैं।

दुनिया के सितमों के मारे बच्चों के चेहरे पर खुशी देखना शायद जीवन का सबसे खुशनुमा पल होता है।
दुनिया में बहुत से बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें प्यार करना तो दूर कोई दो शब्द ठीक से भी नहीं बोलता। ऐसे बच्चों को आत्मसम्मान और खुशी दे सकें।’ जिंदगी में एक बार अनाथ और बेसहारा बच्चों को खुशी देने की कोशिश करें। इस खुशी को आप लाखों रुपए खर्च करके भी नहीं खरीद सकते।’ जरूरतमंदों की मदद करना दोस्तों के साथ पार्टी करने से ज्यादा खुशी देता है।

बुजुर्गों के साथ थोड़ा समय बिताकर उनके सुख-दुख की बात करना उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।’‘कभी-कभी बुजुर्ग अपने परिवार को याद कर परेशान हो जाते हैं। ऐसे में उनके साथ बैठना बहुत जरूरी हो जाता है। हम अगर किसी को खुशी देते हैं, तो इसमें हमारा कुछ नहीं जाता, लेकिन उनके चेहरे

पर आई मुस्कान जो सुकून देती है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल का काम है।’

Saturday, March 27, 2010

jiwan ka ek vastivik sach , insan bahot sare rishto se Gujrata hai jiwan me par jo rishte voh dimag se banata hai voh shashvat nahi hote , sathyi nahi hote , samay ki dhara ke sath dundhale pad jate hai par insan jo rishte dil se banata hai aur dil se kisiko accept karta hai unko puran rup se accept karta hai voh rishte shashavat hote hai , chiranjivi hote hai hamesha rahete hai , har sukh aur dukh me sath dete hai

koshish

jiwan me hamesha koshish yah karni chahiye jo chij hame dukh de pareshani de , hamare bich me kalah ka karan bane un bato se jitna dur rahe acha hai , jiwan ladi gagdo ke liye nahi hai , jiwan hai jiwan data ko pane ki liye uske parm sukh ko anubutit karne ke liye , voh parm sukh aur shanti sansari bandan nahi de sakate voh anand to param giyan aur param kripalu parmatma ke simran se hi prapt hota hai , kitno ko sudharne ke liye apne jiwan ko varth karte rahenge bas kudh ko bigadne se bacha lo to param aanand se dur aap ja nahi pavoge param sukh ki anubhuti sawah hi hone lagegi

असंभव वादे।

बढ़-चढ़कर बोलने वालों को लोगों द्वारा बड़बोला कहा जाता है। कुछ लोग इसलिए भी बड़बोले कहे जाते हैं कि वे अपने बारे में ढेरों खुशफहमियाँ रखते हैं और अपने गुण स्वयं गाते हुए अपने आपको दुनिया के श्रेष्ठतम लोगों में से मानते हैं।

दूसरी श्रेणी उन लोगों की होती है जो दूसरों को तात्कालिक सांत्वना या दिलासा देने के लिए और अपना बड़प्पन दिखाने के लिए ऐसी बातें कह जाते हैं, ऐसे वादे कर जाते हैं जो पूरे करना उनके लिए तो मुश्किल हो ही जाता है जिनसे वादे किए जाते हैं वे भी बेचारे उनकी बातों में आकर चोट खाते हैं।
सांत्वना देना, मन रखना, दिलासा देना सभी अच्छा है, मगर यह अवश्य ध्यान रखें कि बड़बोलेपन की होड़ में आप ऐसे वादे, ऐसी बातें तो 'कमिट' नहीं कर रहे हैं जो आपके लिए संभव न हो। आगे जाकर उनके टूटने से सामने वाला दुखी तो होगा ही, अच्छे-खासे संबंधों में भी दरार आ जाएगी। इसलिए बढ़बोलेजी... बंद करें अपने असंभव वादे।

तुम

तुम रहे साथ मेरे, जब मैं खो गई।

तुम रहे साथ मेरे, जब हर शै पराई हो गई

तुम रहे साथ मेरे, घनघोर बारिश में

तुम रहे साथ मेरे, दर्द की खलिश में

तुम रहे साथ मेरे, जख्मों पर मरहम की तरह

तुम रहे साथ मेरे, मेरे हमदम की तरह

तुम रहे साथ मेरे, एक देवदूत की तरह

तुम रहे साथ मेरे, प्रेम के वजूद की तरह...।

प्यार

कुदरत का सबसे अनमोल तोहफा प्यार है। यह बाँटने से और बढ़ता है तथा अपनी भीनी-भीनी महक को प्रकृति में चारों ओर बिखेर देता है। लोग बदल जाते हैं, पर प्यार कभी नहीं बदलता है। यह तो ऐसा संक्रामक रोग है जो देखने से भी फैलता है और कभी भी, कहीं भी, किसी को भी हो सकता है।

कुछ लोग कहते हैं कि प्यार किया नहीं जाता, बस हो जाता है। प्यार क्या है, किससे करें, कब करें ऐसे कई अनसुलझे सवाल हैं कि अगर जानबूझकर इन्हें नजरअंदाज किया जाए तो अंत में निराशा होती है। दिल के टूटने की आहट भी सुनाई देती है।

कई बार 'जिएँगे तो साथ, मरेंगे तो साथ' ऐसे कस्मे वादे तो लोग कर लेते हैं लेकिन प्रेम के परवान चढ़ते-चढ़ते जब जिंदगी की हकीकत से सामना होता है तो सारे सपने उनके कदमों तले टूटकर बिखर जाते हैं और कुछ दिनों का इश्क जीवनभर के अश्क बन जाता है।

जब कोई किसी से सच्चा प्रेम करता है एवं केवल सामने वाले के रूप-रंग से आकर्षित नहीं होता बल्कि उसकी हर बात से पप्यार करता है। वह कभी भी यह जानने की कोशिश नहीं करता है कि वह जिसके इश्क में गिरफ्तार है, वह उसके प्रति क्या सोचता/सोचती है। वह वफादार है या नहीं। उसकी आने वाले भविष्य में क्या प्लानिंग और पॉसिबलिटीज हैं। इसी का परिणाम होता है- मोहब्बत में बेवफाई। हालाँकि सभी के साथ ऐसा नहीं होता है कि इश्क में ठोकरें ही मिलें, पर कोई जानबूझकर कुएँ में क्यों कूदे।

प्रेम को जीवन पर्यन्त सुंदर बनाए रखने के लिए भी यह जरूरी है कि हम इसके बारे में देख लें, परख लें एवं धोखा खाने से संभवतः बचने का प्रयास करें।

यूँ तो प्यार में चोट देने वाला, पहचान के बाद भी चोट दे सकता है।

अगर सामने वाला चाहता है और आपके लिए कुछ भी करने को तैयार है परंतु इस बात को अहसान बताकर याद दिलाता रहता है तो समझ लेना चाहिए कि वह आपसे प्यार नहीं करता है और आपको अपने अहसानों तले दबाकर रखना चाहता है।

यदि प्रेमी/प्रेमिका आपकी उन मामलों में भी मदद करे, जो उसकी सीमा के बाहर है तो यह मानना चाहिए कि आपको बहुत चाहता है और सदा काम करने के लिए आगे रहता है।

अगर कभी प्यार करने वाला आपका जन्मदिन ही भूल जाए या अन्य जरूरी मौकों पर सहयोग न करे और प्यार का दम भरे तो समझ लीजिए कि वह आपके बारे में कम और खुद की रक्षा करने के बारे में अधिक सोचता है।

यदि कोई लम्बे समय तक आपसे मिलता रहे, प्यार जताता रहे परंतु शादी की बात बिना किसी बड़े कारण के टालता रहे तो निश्चित ही वह आपसे शादी नहीं करना चाहता है। केवल टाइमपास बना रखा है। ऐसे में तत्काल निर्णय लेना चाहिए।

शादी से पहले ही अगर साथी का व्यवहार एवं माँगें अनुचित हों तथा तरह-तरह के प्रलोभन देकर वह केवल अपनी बात ही मनवाना चाहे तो स्वयं फैसला कीजिए कि ऐसा साथी जीवन के सफर में आप से कितनी वफा निभा सकेगा।

यदि आपको चाहने वाला आपके अलावा आपके पूरे परिवार को भी उचित मान-सम्मान देता है तथा परिवार में सदस्य की तरह ही व्यवहार करे तो मान लीजिए कि ऐसे व्यक्ति से आप शादी कर सकते हैं।

'मुहब्बत है, जरा सोच समझकर करना,

एक आँसू भी टूटा, तो सुनाई देगा।'

इसलिए प्यार में बेवफाई करने और सहने से अच्छा है कि जब प्यार हो तो प्यार को कसौटी पर परख भी लें।

मैं

मैं अक्सर हौले से चलकर घर आ जाता हूँतुम्हारे साथ में बैठकर तुम्हें देख भी लेता हूँ ;

और जब तुम घर के काम कर रही होती हो तो,मैं तुमसे बातें करते रहता हूँ ...

मैं तुमसे प्यार करता हूँ ...

तेरे हाथों के कौरों में मेरा भी तो हिस्सा होता है ...

तुम जब चलती हो घर में ; एक कमरे से दूसरे कमरे में जाते हुए,

मैं भी तो होता हूँ उन्हीं कदमों के साथ ..और जब तुम नींद में जाती हो ;

तो मैं भी वहाँ लेटा हुआ देखते रहता हूँ ...

और अपनी ऊँगली से तेरा और मेरा ;नाम लिखते रहता हूँ ...

और जब तुम यूँ ही अचानक हवा में मुझे ढूँढती हो;

तो मैं मुस्कराता हूँ ... फिर देखता हूँ कि ;

तुम्हारी आँखों की छोर पर एक बूँद आँसू की ठहरी हुई होती हैं;

मेरा नाम लिए हुए..तुम उसे पोंछ देती हो ;

ये देखते हुए कि किसी ने देखा तो नहीं...

मैं तब भी वहीं होता हूँ जानां!!!

प्यार

प्यार की दुनिया बहुत होती अनूठी

प्यार के अहसास से मीठा न कुछ है

प्यार का सौंदर्य होता है निछक्का हर रंग होता सहज-पक्का

प्यार करुणा, स्नेह, ममता है, दया है। प्यार की दुनिया बहुत होती अनूठी
Ye mat poochho humse ki

tumhe kitna pyar karte hain

bata pana mushkil hoga kyunki

hum pyar ka hisaab nahi rakhte hain,

Hisaab rakhte hain is baat ka ki

tumhe kitna yaad karte hain

uss har yaad mein tumhe

hum behisaab pyar karte hain

मेरा नसीब

वो आँखों से दूर दिल के करीब था , मैं उसका वो मेरा नसीब था , ना कभी मिला ना जुदा हुआ , रिश्ता हम दोनों का कितना अजीब था !!