Thursday, April 5, 2012

सिर्फ मेरे जोगी के लिए........

सोचने का समय नहीं.
लिखने को शब्द नहीं.
कहने को बातें नहीं,
... सुनने का सवाल ही नहीं
क्योंकि मुझे हो गया है प्यार
अब क्या दिन, क्या रात
मुंह में घुली है मिठास
सिर्फ उनके लिए
दिल में उमड़ता है प्यार का सागर
सिर्फ उनके लिए
मंजिल पर पहुंचना है
सिर्फ उनके लिए
अपनों को बना लिया पराया
सिर्फ उनके लिए
दिन में चैन नहीं, रातों को नींद नहीं
सिर्फ उनके लिए
हम तो सांस भी लेते है तो
सिर्फ उनके लिए
पूरा जीवन दांव पर लगा दिया
सिर्फ उनके लिए
अपना तो कुछ पता ही नहीं
अब तो जीना है सिर्फ और सिर्फ
उनके लिए।

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